कारे कारे तम कैसे पीतम

कारे कारे तम कैसे पीतम केशव

कारे कारे तम कैसे पीतम

केशव | अद्भुत रस | रीतिकाल

कारे कारे तम कैसे पीतम सुधारे विधि,
वारि वारि डारे गिरि थान सुत नाषे हैं।
घंटा ठननात घननात घुंघरनि भौंर
भननात भुवपाल अभिलाषे हैं।
थोड़े-थोड़े मदन-कपोल अति थूले-थूले
डोलें चलदल बल बिक्रम सुभाषे हैं।
दारिद दुवन दीह दलनि बिदारिबे को,
इंद्रजीत हाथी यों हथ्यार करि राषे हैं।

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