काव्यशाला - श्रृंगार रस की कविताएं

हिंदी साहित्य के श्रृंगार रस की कालजयी कविताओं का संकलन





तुम आयीं

केदारनाथ सिंह

शृंगार रस | आधुनिक काल

 22741  0

तेरी सुधि बिन क्षण क्षण सूना

महादेवी वर्मा

शृंगार रस | आधुनिक काल

 16735  0

मैं बनी मधुमास आली

महादेवी वर्मा

शृंगार रस | आधुनिक काल

 11054  0

संध्या के संग लौट आना तुम 

सोम ठाकुर

शृंगार रस | आधुनिक काल

 14427  0

आप का खत मिला आप का शुक्रिया

आनंद बख़्शी

शृंगार रस | आधुनिक काल

 10650  0

वसंत गीत

गोपाल सिंह नेपाली

शृंगार रस | आधुनिक काल

 9509  0

फूल

महादेवी वर्मा

शृंगार रस | आधुनिक काल

 10870  0

बादल देख डरी

मीराबाई

शृंगार रस | भक्तिकाल

 18076  0

दोहे

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

शृंगार रस | आधुनिक काल

 5832  0

रहीम दोहावली

रहीम

शृंगार रस | भक्तिकाल

 10461  0

ऊधो जो अनेक मन होते

भारतेंदु हरिश्चंद्र

शृंगार रस | आधुनिक काल

 6048  0

आज के बिछुड़े

नरेन्द्र शर्मा

शृंगार रस | आधुनिक काल

 5631  0

मंगल विलय

सोम ठाकुर

शृंगार रस | आधुनिक काल

 3824  0

परिचय की गाँठ

त्रिलोचन

शृंगार रस | आधुनिक काल

 3842  0

तमाम उम्र चला हूँ मगर चला न गया

नक्श लायलपुरी

शृंगार रस | आधुनिक काल

 5562  0

धनिकों के तो धन हैं लाखों

गोपालदास ‘नीरज’

शृंगार रस | आधुनिक काल

 5087  0

अँचल के ऎँचे चल करती दॄगँचल को

पद्माकर

शृंगार रस | रीतिकाल

 3433  0

जाति हुती सखी गोहन में

रहीम

शृंगार रस | भक्तिकाल

 4463  0

सफ़ाई मत देना

कुमार विश्वास

शृंगार रस | आधुनिक काल

 8588  0

लौट आओ

सोम ठाकुर

शृंगार रस | आधुनिक काल

 4683  0

है यह आजु बसन्त समौ

महाकवि बिहारीलाल

शृंगार रस | रीतिकाल

 4055  0

खुद को आसान कर रही हो ना

कुमार विश्वास

शृंगार रस | आधुनिक काल

 6394  0

क्यों इन तारों को उलझाते

महादेवी वर्मा

शृंगार रस | आधुनिक काल

 4594  0

मैं प्यासा भृंग जनम भर का 

गोपाल सिंह नेपाली

शृंगार रस | आधुनिक काल

 4849  0

हम तुम युग युग से ये गीत मिलन का

आनंद बख़्शी

शृंगार रस | आधुनिक काल

 3612  0

आयौ जुरि उततें समूह हुरिहारन कौ

जगन्नाथदास 'रत्नाकर'

शृंगार रस | रीतिकाल

 2289  0

आज उनसे पहली मुलाक़ात होगी

आनंद बख़्शी

शृंगार रस | आधुनिक काल

 5122  0

पुतरी अतुरीन कहूँ मिलि कै लगि

रहीम

शृंगार रस | भक्तिकाल

 2795  0

कमल के फूल

भवानी प्रसाद मिश्र

शृंगार रस | आधुनिक काल

 5302  0

विदा के बाद

सोम ठाकुर

शृंगार रस | आधुनिक काल

 3952  0



  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 8881813408
Mail : info[at]maatribhasha[dot]com