तलाश  VIKAS UPAMANYU

तलाश

VIKAS UPAMANYU

बस अब एक तेरी तलाश है मुझको,
मिल गया सब, वो नहीं मिला मुझको।
 

ये जो सब मिला, तो क्या मिला,
जो तू न मिला, तो कुछ न मिला।
 

ये धन-दौलत शोहरत नहीं चाहिए मुझको,
जो तू मिल गया, तो सब मिल गया मुझको।
 

मुझे मेरी फकीरी ही अच्छी लगती है,
तेरे बिना अमीरी में भी कमी लगती है।
 

बस ऐसा कर, ग़मों को भी आधा कर,
चाहे जो हो, तू बस अपनी भागीदारी कर।
समझेगा वो एक दिन, ये वादा है मेरा,
लेकिन बस, अब तू इतनी जल्दी न कर।
 

जो तेरा है, वो कहीं नहीं जाएगा,
जो हो चुका किसी का, अब कैसे आ जाएगा?
तू सब्र रख, तेरी किस्मत का कहाँ जाएगा,
जो होना है वो एक दिन होकर रह जाएगा।
 

बस अब एक तेरी तलाश है मुझको,
मिल गया सब, वो नहीं मिला मुझको।

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