गर्मी की छुट्टियाँ  Anupama Ravindra Singh Thakur

गर्मी की छुट्टियाँ

Anupama Ravindra Singh Thakur

नहीं है पल भर भी आराम,
मम्मी उठकर धौंस जमाए,
स्कूल जाओ बस यही रट लगाए,
पपा बड़ी-बड़ी आँखें दिखलाएँ,
पढ़ाई करो, हर वक्त यही चिल्लाएँ।
टीचर कक्षा में हर वक्त यही सिखाए,
बस पढ़ाई-पढ़ाई की रट लगाए,
हम सब ईश्वर से बस यही गुहार लगाएँ,
गर्मी की छुट्टियाँ जल्दी लौटाएँ।
 

हर वक्त परीक्षा का भय सताए,
स्वादिष्ट पकवान भी मुझको न भाए,
आते-जाते सब यही चिल्लाएँ,
उठो, पढ़ो, क्यों समय व्यर्थ गँवाए,
हर कोई यही उपदेश सुनाए,
बिना पढ़ाई के जीवन में कुछ न पाए,
यह सुन-सुन हमारा दिमाग चकराए,
हम सब ईश्वर से बस यही गुहार लगाएँ,
गर्मी की छुट्टियाँ जल्दी लौटाएँ।

अपने विचार साझा करें




1
ने पसंद किया
820
बार देखा गया

पसंद करें


  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 7534072808
Mail : info@maatribhasha.com