दिलवालों की बोली  Anupama Ravindra Singh Thakur

दिलवालों की बोली

Anupama Ravindra Singh Thakur

मेरी हिंदी सबसे निराली है,
सभी भाषाओं की शिरोमणि यह
दिलवालों की बोली है,
युगों-युगों से नफरतें मिटाकर
यह प्रेम फैलाने वाली है,
मेरी हिंदी सबसे निराली है।
 

सभी भाषाओं की शिरोमणि यह
दिलवालों की बोली है,
कई बोलियाँ, इसके चरण पखारती,
कभी कहानी से हँसाती
कभी कविता से गुदगुदाती,
कभी शौर्य का भाव जगाती,
मेरी हिंदी विजय पताका लहराती,
मेरी हिंदी सबसे निराली है।
 

सभी भाषाओं की शिरोमणि यह
दिल वालों की बोली है,
हास्य व्यंग हो
या हो देशभक्ति,
चाहे करुणा हो
या हो रौद्र रस की अभिव्यक्ति,
मेरी हिंदी से ही उसको
पूर्णता है मिलती,
मेरी हिंदी सबसे निराली है,
सभी भाषाओं की शिरोमणि है
दिलवालों की बोली है।
 

हृदय में उतरने का गुण है संजोती,
दिलों पर सबके राज है करती,
राष्ट्र निर्माण की वीरांगना बनकर
आज़ादी का बिगुल है बजाती,
आज भी हर एक के हृदय को छूती,
मेरी हिंदी सबसे निराली है
सभी भाषाओं की शिरोमणि यह
दिल वालों की बोली है।

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