बचपन  Arun Mishra

बचपन

Arun Mishra

याद है तुम्हें वो बचपन का रोना,
वो बारिश के पानी में नाव डुबोना,
वो छोटे से सपनों में दुनिया सजोना।
 

वो भैया से लड़ना, वो दीदी से झगड़ना,
छोटी सी चीजों के लिए जिद पर अड़ना,
वो प्लास्टिक का खिलौना
वो छुपने का कोना।
 

वो अधूरा सा होमवर्क,
वो स्कूल ना जाने का बहाना,
वो मेहमानों के आने पर नज़रें चुराना,
वो मिट्टी की खुशबू, वो बेफिक्रा जमाना,
वो तितली पकड़ना और जुगनू भगाना।
 

वो पतंग के चक्कर में दूसरे की छत लांघ जाना,
वो रातों की कहानी में पूरा खो जाना,
माँ के आंचल में गुज़रा हर एक जमाना,
याद आता है हर एक फसाना,
क्या याद है तुम्हें वो बचपन का रोना??

अपने विचार साझा करें



0
ने पसंद किया
1609
बार देखा गया

पसंद करें

  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 8881813408
Mail : info[at]maatribhasha[dot]com