वर्षा मंगल

वर्षा मंगल नरेन्द्र शर्मा

वर्षा मंगल

नरेन्द्र शर्मा | शांत रस | आधुनिक काल

सत रंग चुनर नव रंग राग 
मधुर मिलन त्यौहार गगन में, 
मेघ सजल , बिजली में आग ...
सत रंग चुनर , नव रंग पाग! 

पावस ऋतु नारी , नर सावन,
रस रिमझिम , संगीत सुहावन, 
सारस के जोड़े, सरवर में, 
सुनते रहते, बादल राग!
सत रंग चुनर , नव रंग राग!

उपवन उपवन, कान्त-कामिनी, 
गगन गुंजाये , मेघ दामिनी,
पत्ती पत्ती पर हरियाली, 
फूल-फूल पर, प्रेम-पराग! 
सत रंग चुनर , नव रंग राग ...

पवन चलाए, बाण बूंद के, 
सहती धरती, आँख मूंद के--
बेलों से अठखेली करते, 
मोर-मुकुट पहने बन-बाग़!
सत रंग चुनर नव रंग पाग!

अपने विचार साझा करें


  परिचय

"मातृभाषा", हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार का एक लघु प्रयास है। "फॉर टुमारो ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग" द्वारा पोषित "मातृभाषा" वेबसाइट एक अव्यवसायिक वेबसाइट है। "मातृभाषा" प्रतिभासम्पन्न बाल साहित्यकारों के लिए एक खुला मंच है जहां वो अपनी साहित्यिक प्रतिभा को सुलभता से मुखर कर सकते हैं।

  Contact Us
  Registered Office

47/202 Ballupur Chowk, GMS Road
Dehradun Uttarakhand, India - 248001.

Tel : + (91) - 7534072808
Mail : info@maatribhasha.com