लहरों में साथ रहे कोई

लहरों में साथ रहे कोई त्रिलोचन

लहरों में साथ रहे कोई

त्रिलोचन | शांत रस | आधुनिक काल

बाँह गहे कोई

अपरिचय के
सागर में
दृष्टि को पकड़ कर
कुछ बात कहे कोई ।

लहरें ये
लहरें वे
इनमें ठहराव कहाँ
पल
दो पल
लहरों के साथ रहे कोई ।

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